आपने बचपन में जल्दी सोने के लिए अपनी मां से यह कहते जरूर सुना होगा, कि बेटे जल्दी सो जा वरना भूत आ जाएगा...चलिए ये तो हुई किस्से कहानियों की बातें आज हम आपको कुछ ऐसी घटनाओं और स्थानों के बारे में बताने वाले हैं जहां लोगों ने सच में आत्माओं और भूत-प्रेतों को महसूस किया है, उन्होंने इन जगहों पर सच में शैतानी सायों को देखा है।
आज हम बात करने जा रहे हैं भारत के छत्तीसगढ़ राज्य के उन साइट्स के बारे में जिन्हें राज्य के सबसे प्रेतवाधित स्थान माना गया है। यहां के डरावने अनुभवों के कारण यहां शाम के बाद कोई जल्दी से नहीं भटकता है।
कई सालों पहले भिलाई में ट्रैफिक की समस्या को दूर करने के लिए एक ब्रिज का निर्माण किया गया था। इस ब्रिज के बनने से स्थानीय लोगों बहुत राहत मिली थी। दूर का सफर अब ब्रिज के बनने से बहुत कम हो गया था। यह बिर्ज कुछ वाई-शेप में बनवाया गया था।
लेकिन बिर्ज बनने के कुछ दिनों बाद लोगों ने यहां कुछ असामान्य घटनाओं को घटते देखा। जानकारों का मानना है कि ब्रिज की सड़क पर किसी प्रेत का साया है। जो रात के 12 बजे से लेकर 4 बजे के बीच इसी सड़क पर भटकता दिखाई देता है।
कुछ लोगों का दावा है कि कोई सफेद कपड़ों में महिला अचानक वाहन के सामने आकर लिफ्ट मांगती है। इसलिए रात के समय यहां जानकार व्यक्ति नहीं गुजरते। माना जाता है कि ये आत्मा अजनबियों को अपना शिकार बनाती है
अगर आप छत्तीसगढ़ के भिलाई का सफर करें तो आपको बत्तीस बंगला के विषय में जरूर जानने को मिलेगा। इस बत्तीस बंगले से एक लड़की की आत्मा का राज जुड़ा है। यहां के जानकार लोग बड़े दावे के साथ इस तथ्य को रखते हैं कि यहां उन्होंने प्रेतवाधित गतिविधियों का सामना किया है। लोगों यहां तक कहते हैं कि लड़की की आत्मा यहां से गुजरने वाले लोगों पर हमला करती है, लोग बड़ी मुश्किल से अपनी जान बचाकर भागते हैं।
गराज रोड़ करीब दो से तीन किमी लंबी है, जो रात के समय एक डरावने रूप में प्रकट होती है। सड़क के सामने आपको घना अंधेरा दिखाई देगा, जो इस सफर को काफी ज्यादा भयानक बना देता है"
बहुत से जानकर यह तक कहते है कि यहां भटकने वाली आत्मा कई बार लोगों से लिफ्ट मांगती है और एक साधारण इंसान की तरह बात करती है, लेकिन वो बातों-बातों में राहगीरों पर हमला भी कर देती है। इन सब डरावने अनुभवों के कारण गराज सड़क को राज्य के सबसे प्रेतवाधित स्थानों में गिना जाता है।
छत्तीसगढ़ के बस्तर और बाकावंद के पास एक पुराना घर है जिसे शहर में हॉंटेड हाऊस ने नाम से जाना जाता है। इस प्रेतवाधित घर से एक कहानी जुड़ी है , कहते हैं कि कभी कोई व्यक्ति ने बड़ा साहस दिखाकर इस घर में घुसने की कोशिश की थी, लेकिन वो बाहर न आ सका। जानकारों का मानना है कि इस प्रेतवाधित घर में बसने वाली आत्मा ने उस इंसान को अपना शिकार बना लिया।
कुछ लोग यह भी कहते हैं कि इस घर पर किसी शैतान का साया है, अगर कोई यहां लंबे समय तक रहने की कोशिश करता है तो यहां रहने वाला प्रेत उसे परेशान करता है। बहुत लोग यह भी कहते हैं कि यहां रहने वाला प्रेत इंसान के पास आकर उसकी आत्मा निकाल लेता है। हालांकि इन सभी तथ्यों में कितनी सच्चाई है इस विषय में कुछ सटीक नहीं कहा जा सकता है।
2011 में हुई एक घटना के बाद इस स्थान को बिलासपुर का सबसे प्रेतवाधित इलाका माना जाता है। कहते हैं कि यहां एक तेज ट्रेन ने 18 लोगों को अपना शिकार बनाया था। इस भयानक घटना के बाद इस रेलवे क्रॉसिंग पर कई लोगों ने अजीबोगरीब घटनाओं को घटते देखा है। यह दर्दनाक घटना रात के 7 बजे के आसपास घटी थी, जब रेलवे क्रॉसिंग बंद था और लोग ट्रेन के जाने का इंतजार कर रहे थे।
2011 में हुई एक घटना के बाद इस स्थान को बिलासपुर का सबसे प्रेतवाधित इलाका माना जाता है। कहते हैं कि यहां एक तेज ट्रेन ने 18 लोगों को अपना शिकार बनाया था। इस भयानक घटना के बाद इस रेलवे क्रॉसिंग पर कई लोगों ने अजीबोगरीब घटनाओं को घटते देखा है। यह दर्दनाक घटना रात के 7 बजे के आसपास घटी थी, जब रेलवे क्रॉसिंग बंद था और लोग ट्रेन के जाने का इंतजार कर रहे थे।
माना जाता है कि अब इस जगह पर उन मरे लोगों की आत्मा भटकती है जो रात के समय यहां से गुजरने वाले लोगों को परेशान करती है। जानकारों का कहना है कि घटना के कई साल बीत जाने के बाद भी यहां क्रॉसिंग के रेलवे ट्रैक पर मृत इंसानों की लाश दिखाई देती है। जो अपने आप में रोंगटे खड़े कर देने वाली बात है।
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